ऑफिस की वो आखिरी रात का जुनून

ऑफिस की गगनचुंबी इमारत की दसवीं मंजिल पर स्थित उस केबिन में चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ था और सिर्फ एयर कंडीशनर की हल्की सी घरघराहट सुनाई दे रही थी। अर्जुन अपनी मेज पर बैठा लैपटॉप पर नजरें गड़ाए हुए था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार सामने वाले केबिन की कांच की दीवार के पार जा … Read more

एकांत दोपहर में सुनीता भाभी की रेशमी खुदाई

गर्मी की वो आलसी दोपहर थी जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद में सोया हुआ था, लेकिन रोहन की आंखों में नींद का नामोनिशान नहीं था। वह खिड़की से सामने वाले घर की ओर देख रहा था जहाँ सुनीता भाभी अपने बरामदे में कपड़े सुखा रही थीं। सुनीता भाभी की उम्र करीब पैंतीस साल रही होगी, … Read more

पुरानी सहेली की खुदाई

शाम का सूरज धीरे-धीरे ढल रहा था और पार्क के उस सुनसान कोने में सुनहरी रोशनी पेड़ों की टहनियों से छनकर जमीन पर आ रही थी। रोहन बेंच पर बैठा अपनी पुरानी स्कूल की दोस्त मेघा का इंतजार कर रहा था, जिससे वह करीब पाँच साल बाद मिल रहा था। मेघा अब एक प्रोफेशनल जिम … Read more

नई पड़ोसन की मदहोश चु@@ई

नई पड़ोसन की मदहोश चु@@ई—>उस रात आसमान से बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश हो रही थी, जैसे कुदरत खुद किसी गहरे मिलन की तैयारी कर रही हो। समीर अपने फ्लैट की बालकनी में खड़ा होकर बाहर की धुंधली रोशनी को देख रहा था, जब उसने पहली बार कविता को अपने बगल वाले फ्लैट … Read more

प्रधान जी की बीबी को चो@@दा

एक छोटे से गाँव में, जहाँ नदी की कल-कल और बारिश की बूँदें हमेशा साथ चलती हैं, वहाँ का प्रधान रघुनाथ सिंह बड़ा दबंग और व्यस्त आदमी था। उसकी पत्नी सुनीता, ३५ साल की, गोरी-चिट्टी, पतली कमर, भरे हुए स्तन और गोल गाँ@ड वाली – गाँव की सबसे आकर्षक औरत। वो साड़ी में घूमती, घूंघट … Read more

पड़ोसन रेखा की चु@@ई

पड़ोसन रेखा की चु@@ई—> शहर की उस भीड़भाड़ वाली गगनचुंबी इमारत में नवीन को आए अभी कुछ ही दिन हुए थे। नवीन एक छरहरा और गठीले बदन वाला पच्चीस वर्षीय युवक था जो अपने करियर की शुरुआत के लिए इस बड़े शहर में आया था। उसके ठीक सामने वाले फ्लैट में रेखा रहती थी, जिसकी … Read more

शिखा की दफ्तर वाली चुदाई

दफ्तर की घड़ी में रात के दस बज चुके थे और पूरी बिल्डिंग में सन्नाटा पसरा हुआ था लेकिन शिखा के केबिन की लाइट अब भी जल रही थी। शिखा जो कि इस कंपनी की जनरल मैनेजर थी अपनी उम्र के बत्तीसवें पड़ाव पर एक ऐसी सुडौल काया की मालकिन थी जिसे देखकर किसी भी … Read more

नई पड़ोसन की मदहोश चु@@ई

नेहा को इस नए शहर में आए अभी मुश्किल से एक हफ्ता ही हुआ था। उसका पति एक प्राइवेट बैंक में मैनेजर था और सुबह जल्दी निकल जाता था, जिससे नेहा सारा दिन घर में अकेली और ऊब महसूस करती थी। नेहा की उम्र करीब सत्ताइस साल थी, और उसका शरीर किसी तराशी हुई मूरत … Read more

पड़ोसी मालती भाभी की मदहोश खुदाई

पड़ोसी मालती भाभी की मदहोश खुदाईदोपहर की उस तपती धूप में पूरा मोहल्ला सन्नाटे की चादर ओढ़े सोया हुआ था, लेकिन आर्यन के मन में एक अजीब सी बेचैनी करवटें ले रही थी। वह अपनी पड़ोसन मालती भाभी के घर के बाहर खड़ा था, जो कुछ सालों पहले ही विधवा हुई थीं और अब अपने … Read more

तूलिका की तपिश और मौन समर्पण

पुराने शहर की एक सुनसान कला दीर्घा के कोने में बने उस छोटे से कमरे में चारों ओर कैनवास बिखरे हुए थे और हवा में तारपीन के तेल की तीखी गंध घुली हुई थी। आर्यन अपनी अधूरी पेंटिंग के सामने खड़ा था, लेकिन उसकी नजरें सामने बैठी अवनि पर टिकी थीं, जो आज उसकी मॉडल … Read more

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