अजनबी सीमा की चु@@ई
रात के ग्यारह बज चुके थे और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी। समीर अपनी सीट पर बैठा खिड़की से बाहर अंधेरे को ताक रहा था, लेकिन उसका ध्यान बाहर कम और अपनी सामने वाली बर्थ पर बैठी उस रहस्यमयी महिला पर ज्यादा था। सीमा, जो लगभग चौंतीस साल की … Read more