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सेक्रेटरी की गर्म चु@@ई

ऑफिस की उस ऊँची इमारत की अठारहवीं मंजिल पर सन्नाटा पसरा हुआ था, केवल एयर कंडीशनर की हल्की सी गूँज ही उस खामोशी को तोड़ रही थी। रोहन अपने केबिन में बैठा लैपटॉप पर उंगलियाँ चला रहा था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार बाहर अपनी केबिन के ठीक सामने बैठी अपनी सेक्रेटरी मेघा पर जा रहा … Read more

समीर और रेखा की चु@@ई

समीर और रेखा की चु@@ई —> समीर अपने घर की बालकनी में खड़ा होकर बाहर की ओर देख रहा था, लेकिन उसका ध्यान बाहर की हरियाली में नहीं बल्कि अंदर रसोई में काम कर रही अपनी सौतेली माँ रेखा पर था। रेखा की उम्र छत्तीस साल थी, लेकिन उनके शरीर की बनावट और चेहरे की … Read more

शालू भाभी की खुदाई

शालू भाभी की खुदाईदुपहरी की उस सुनसान घड़ी में आर्यन जब अपनी पड़ोसन शालू भाभी के घर पहुँचा, तो सारा माहौल एक अजीब सी खामोशी और उत्तेजना में डूबा हुआ था। शालू भाभी ने गुलाबी रंग की महीन रेशमी नाइटी पहनी हुई थी जो उनके गोरे और सुडौल बदन पर किसी बिजली की तरह चमक … Read more

मेहेक और रोहन की रसभरी चु@@ई

मेहेक और रोहन का रिश्ता जीजा और साली का था, लेकिन उनके बीच की केमिस्ट्री हमेशा से ही कुछ अलग और गहरी रही थी। रोहन अपनी पत्नी के साथ अपने ससुराल आया हुआ था, जहाँ उसकी पत्नी किसी काम से बाज़ार गई हुई थी और घर पर सिर्फ रोहन और मेहेक अकेले थे। मेहेक की … Read more

पुराने दोस्त की चु@@ई

पुराने दोस्त की चु@@ई —> शाम के साढ़े सात बज चुके थे और बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी, जिसके कारण जिम में सन्नाटा पसरा हुआ था। रोशनी, जो हाल ही में अपने शहर वापस लौटी थी, अपनी फिटनेस को लेकर काफी सजग रहती थी और इसीलिए उसने अपने बचपन के दोस्त समीर के जिम … Read more

पड़ोसन की रसीली चुदाई

पड़ोसन की रसीली चुदाई—> शहर की इस पॉश सोसाइटी के फ्लैट नंबर 402 में रहने वाली कविता जी की उम्र कोई पैंतीस साल रही होगी, लेकिन उनके बदन की ढलान और उस पर जमी मादकता किसी भी जवान मर्द का ईमान डगमगा देने के लिए काफी थी। उनके चेहरे पर हमेशा एक हल्की सी रहस्यमयी … Read more

बेटे की जेब से निकला कॉ@@डम

शालिनी सुबह के नौ बजे घर में अकेली थीं। पति पिछले हफ्ते से दिल्ली के दौरे पर गए हुए थे और राहुल कॉलेज से लौटकर अभी-अभी सोया था। शालिनी ने राहुल की कल की यूनिफॉर्म उठाई – वो धोने के लिए रखी थी। पैंट की जेब से कुछ चमकदार चीज गिर पड़ी – एक छोटा … Read more

तन्हा दोपहर में मौसी रेखा की खुदाई

गर्मी की उस तन्हा दोपहर में पूरा घर सन्नाटे की चादर ओढ़े हुए था। सूरज की तपिश खिड़की के पर्दों को चीरकर अंदर आने की नाकाम कोशिश कर रही थी। आर्यन सोफे पर बैठा अपनी किताब में मन लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसकी नजरें बार-बार सामने वाले कमरे के आधे खुले दरवाजे … Read more

बंद कमरे की तपिश और रेशमी अहसास

तपती दुपहरी में पुराने बंगले की शांति जैसे किसी गहरे राज़ को दबाए बैठी थी, जहाँ बाहर की लू से लड़ती ठंडी हवा भी हार मान चुकी थी। आर्यन पुस्तकालय में पुरानी किताबों के पन्ने पलट रहा था, उसकी उंगलियां धूल भरे कागज़ों पर सरक रही थीं। तभी मिसेज खन्ना – जिन्हें वो अब माया … Read more

पेट्रोल पंप पर ग्रुप में चु@@ई

गांव के बाहरी किनारे पर पेट्रोल पंप था, जहाँ दिनभर ट्रकों की आवाज़ गूंजती और शाम ढलते ही जगह सुनसान हो जाती। पंप के ठीक पीछे फैला हुआ खेत था – ऊँची-ऊँची सरसों की फसलें, जो हवा में हल्की सरसराहट करतीं और शाम की ठंडी हवा में मिट्टी की सोंधी महक फैलातीं। सूरज डूब रहा … Read more

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