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जवान विधवा मामी के साथ एक रसीली खुदाई

राहुल अपने मामा के देहांत के करीब दो साल बाद पहली बार अपने पुराने गांव आया था। दोपहर की चिलचिलाती धूप में पूरा घर सन्नाटे में डूबा हुआ था और घर में सिर्फ वह और उसकी खूबसूरत मामी मीरा ही मौजूद थे। मीरा की उम्र लगभग पैंतीस के आसपास थी, लेकिन उसका यौवन अभी भी … Read more

पुरानी सहेली की चु@@ई

बरसात की वह रात बहुत ही मायावी और मादक थी जब रोहन अपनी पुरानी कॉलेज की सहेली नेहा के घर पहुँचा था। कई सालों बाद दोनों मिले थे और बाहर हो रही मूसलाधार बारिश ने उन्हें एक ही कमरे में कैद होने पर मजबूर कर दिया था। नेहा ने एक गहरे नीले रंग की साड़ी … Read more

अजनबी रात का गहरा अहसास

अजनबी रात का गहरा अहसास—> उस रात होटल के गलियारे में एक अजीब सी खामोशी छाई हुई थी, लेकिन कबीर के कमरे के अंदर का माहौल बहुत ही गर्म और उत्तेजक था। मीरा, जो उसे बस कुछ घंटों पहले ही होटल के बार में मिली थी, अब उसके सामने सोफे पर बैठी अपनी रेशमी जुल्फों … Read more

ऑफिस की मदहोश रात और अंजलि का समर्पण

ऑफिस की मदहोश रात और अंजलि का समर्पण—>रात के ग्यारह बज चुके थे और ऑफिस की शांत फिजाओं में सिर्फ एयर कंडीशनर की हल्की सी गूंज सुनाई दे रही थी। समीर अपनी केबिन में बैठा हुआ था, लेकिन उसका ध्यान फाइलों में नहीं बल्कि बाहर डेस्क पर काम कर रही अंजलि पर था। अंजलि ने … Read more

होटल की मदहोश रात और मीरा की अनकही चाहत —>

होटल की आलीशान गलियारे में समीर अपनी थकान मिटाने के लिए टहल रहा था जब उसकी मुलाकात मीरा से हुई। मीरा एक अजनबी थी जो उसी मंजिल के दूसरे कमरे में ठहरी हुई थी, लेकिन उसकी आँखों में एक ऐसी कशिश थी जिसने समीर के कदमों को थाम दिया। मीरा की कद-काठी किसी अप्सरा जैसी … Read more

पड़ोसन रेखा आंटी की रसीली खुदाई

तपती दुपहरी में जब सारा मोहल्ला गहरी नींद की आगोश में डूबा रहता था, तब रोहन के मन में एक अजीब सी बेचैनी करवटें लेती थी। उसकी पड़ोसन रेखा आंटी, जो करीब अड़तीस साल की थीं, हमेशा से उसकी गुप्त कल्पनाओं का केंद्र रही थीं। रेखा आंटी का शरीर किसी ढलती उम्र की खूबसूरती का … Read more

अध्यापक की गरम चु@@ई

अंजली मैम के साथ बिताए गए वे दिन मुझे आज भी याद आते हैं जब मैं उनके ट्यूशन में बैठकर उनकी पढ़ाई से ज्यादा उनके शरीर के उतार-चढ़ाव को देखा करता था। आज बरसों बाद हम एक सुनसान पार्क के उस कोने में बैठे थे जहाँ शाम का धुंधला सा साया हर तरफ फैला हुआ … Read more

पड़ोसन कविता की चुदाई

पड़ोसन कविता की चुदाई—> शहर की उस तंग गली के आखिरी छोर पर बसे उस पुराने मकान में समीर अभी दो दिन पहले ही रहने आया था। दोपहर की चिलचिलाती धूप में सामान व्यवस्थित करते हुए उसका शरीर पसीने से तरबतर हो चुका था। तभी दरवाजे पर एक दस्तक हुई और उसने देखा कि सामने … Read more

तूलिका की तपिश और मौन समर्पण

पुराने शहर की एक सुनसान कला दीर्घा के कोने में बने उस छोटे से कमरे में चारों ओर कैनवास बिखरे हुए थे और हवा में तारपीन के तेल की तीखी गंध घुली हुई थी। आर्यन अपनी अधूरी पेंटिंग के सामने खड़ा था, लेकिन उसकी नजरें सामने बैठी अवनि पर टिकी थीं, जो आज उसकी मॉडल … Read more

प्यास और रसीली भाभी की चु@@ई

दोपहर का वक्त था और सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था, लेकिन मीरा के घर के भीतर का माहौल बाहर की गर्मी से कहीं ज्यादा तप्त और उत्तेजनापूर्ण बना हुआ था। मीरा, जिसकी उम्र लगभग बत्तीस साल थी, अपने भरे हुए बदन और गोरे रंग की वजह से पूरे मोहल्ले की धड़कन थी, उसके … Read more

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