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पुरानी हवेली की जादूगरनी से प्यार

राजस्थान के उस छोटे से गांव का नाम था कालापुर। आसपास की पहाड़ियों में घने जंगल, पुरानी कुएं, और वो हवेली जो गांव के सबसे कोने में खड़ी थी – भारी, पुरानी, दीवारों पर लता-बेलें चढ़ी हुईं। गांव में कुल १२० परिवार थे, पुरुष दिन भर खेतों में, मवेशी चराते, या बाजार में माल बेचते। … Read more

ट्रेन की वो आखिरी रात

सोनाली ट्रेन की AC 2-टियर में ऊपरी बर्थ पर लेटी थी। रात के 2 बज चुके थे। ट्रेन दिल्ली से मुंबई जा रही थी, और बाहर अंधेरा इतना गहरा था कि सिर्फ़ खिड़की से गुजरती लाइट्स की झलक दिखती थी। सोनाली की हल्की नीली सलवार-कमीज़ थोड़ी सी सिकुड़ी हुई थी, और कमीज़ के ऊपर के … Read more

रिया भाभी की मीठी चु@@ई

रिया भाभी की मीठी चु@@ई—> बाहर सावन की रिमझिम फुहारें पड़ रही थीं और घर के भीतर सन्नाटा पसरा हुआ था। समीर अपनी बालकनी में खड़ा होकर बारिश की बूंदों को गिरते देख रहा था, लेकिन उसका ध्यान बाहर कम और रसोई में काम कर रही अपनी भाभी रिया पर ज्यादा था। रिया भाभी के … Read more

सोनिया के साथ रसीली चु@@ई

सोनिया के साथ रसीली चु@@ई—>उस दोपहर की गर्मी और भी बढ़ गई थी जब सोनिया ने अपने नए फ्लैट का दरवाजा खोला और मुझे अंदर आने का इशारा किया। सोनिया मेरी नई पड़ोसी थी जो करीब एक हफ्ता पहले ही इस अपार्टमेंट में रहने आई थी और उसकी खूबसूरती पूरे फ्लोर पर चर्चा का विषय … Read more

कविता मौसी की यादगार खुदाई

  कविता मौसी की यादगार खुदाई कविता मौसी के घर गए मुझे तीन दिन हो चुके थे, लेकिन उनकी देह की मादकता ने मेरी रातों की नींद उड़ा दी थी। मौसी की उम्र चालीस के करीब थी, लेकिन उनके शरीर की बनावट किसी कसी हुई जवान लड़की जैसी थी। जब वो सूती साड़ी पहनकर रसोई … Read more

पड़ोसी रीमा भाभी की गहरी खुदाई

शहर की उस शांत और तंग गली में रीमा भाभी का घर मेरे किराए के कमरे के ठीक सामने वाली मंजिल पर था। रीमा भाभी की उम्र करीब पैंतीस साल रही होगी, लेकिन उनके शरीर की बनावट और उनके यौवन का उभार किसी कयामत से कम नहीं था। जब भी वह शाम को अपनी बालकनी … Read more

बर्फीली वादियों की गर्माहट

पहाड़ों की उस ऊँची चोटी पर स्थित लकड़ी के छोटे से केबिन में बाहर बर्फ की चादर बिछी हुई थी और ठंडी हवाएं खिड़कियों से टकराकर अजीब सी सुरीली आवाज़ें निकाल रही थीं। समीर और राधिका एक दूसरे के बेहद करीब बैठे थे, उनके बीच जल रही आग की लपटें उनके चेहरों पर एक सुनहरी … Read more

पड़ोसी सुनीता भाभी की खुदाई

तपती दोपहर में जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद में सोया होता था, तब कॉलेज जाने वाला रोहित अपने कमरे की खिड़की से बगल वाले घर की बालकनी की ओर टकटकी लगाए रहता था। वहाँ सुनीता भाभी, जो उम्र में उससे करीब सात-आठ साल बड़ी थीं, अक्सर अपने गीले कपड़े सुखाने के लिए आती थीं। उनके … Read more

खेते में मां को चो@@

 शाम ढल रही थी, गाँव के बाहर फैले हरे-भरे खेतों में धान की रोपाई का काम लगभग खत्म हो चुका था। शकुंतला, जो अब ३६ साल की हो चुकी थी, अपनी गोरी चमकती त्वचा, पतली कमर और भरे-पूरे शरीर के साथ खेत में काम कर रही थी। उसके बड़े-बड़े तरबूज जैसे स्तन ब्लाउज में कसकर … Read more

अजनबी संग चु@@ई

अजनबी संग चु@@ई—>रात के करीब ग्यारह बज रहे थे और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी। माया अपनी खिड़की वाली सीट पर बैठी बाहर के घुप अंधेरे को निहार रही थी, जहाँ कभी-कभी दूर जलती कोई रोशनी उसकी आँखों में चमक पैदा कर देती थी। माया के बदन पर एक … Read more

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