खेते में मां को चो@@
शाम ढल रही थी, गाँव के बाहर फैले हरे-भरे खेतों में धान की रोपाई का काम लगभग खत्म हो चुका था। शकुंतला, जो अब ३६ साल की हो चुकी थी, अपनी गोरी चमकती त्वचा, पतली कमर और भरे-पूरे शरीर के साथ खेत में काम कर रही थी। उसके बड़े-बड़े तरबूज जैसे स्तन ब्लाउज में कसकर … Read more