जवान साली की चु@@ई

जवान साली की चु@@ई—>उस दोपहर की खामोशी में एक अलग ही बेचैनी थी, जब समीर अपनी साली कविता के घर पहुँचा। कविता के पति यानी समीर के साढ़ू भाई काम के सिलसिले में शहर से बाहर गए हुए थे और कविता घर पर बिल्कुल अकेली थी। जैसे ही कविता ने दरवाजा खोला, समीर की नजरें … Read more

मखमली एहसास: सविता मामी के साथ वो प्यासी दोपहर

दोपहर की चिलचिलाती धूप में घर के सन्नाटे ने एक अजीब सी मादकता घोल दी थी। रोहित अपने कमरे में लेटा हुआ था, लेकिन उसकी आँखों में नींद के बजाय सामने वाले कमरे में काम कर रही अपनी सविता मामी की छवि तैर रही थी। सविता मामी की उम्र करीब चौंतीस वर्ष रही होगी, लेकिन … Read more

दर्जी की पैमाइश और रेशमी अहसास

दोपहर की सुनहरी और तीखी धूप निशा के आलीशान ड्राइंग रूम की बड़ी सी खिड़की से छनकर आ रही थी, जिससे कमरे का कोना-कोना चमक रहा था। वह अपने नए वैवाहिक घर में अकेली थी और आज उसे अपने कुछ बेहद खास और कीमती कपड़ों की फिटिंग करानी थी। समीर, जो शहर का सबसे आधुनिक … Read more

जिम की तन्हाई और पुरानी सीनियर का नशा

जिम की तन्हाई और पुरानी सीनियर का नशा—> आर्यन अपनी पुरानी स्कूल की सीनियर माया को जिम के खाली कोने में देख रहा था, जहाँ रोशनी थोड़ी मद्धम थी। माया की उम्र करीब अठ्ठाईस साल थी, लेकिन उसका शरीर किसी तराशी हुई संगमरमर की मूरत जैसा था जिसे कुदरत ने बड़ी फुर्सत से गढ़ा हो। … Read more

रेशमी फिटिंग और अनजानी प्यास का अहसास

रेशमी फिटिंग और अनजानी प्यास का अहसास—>रिया शहर की एक बहुत ही खूबसूरत और आधुनिक ख्यालों वाली महिला थी, जिसकी उम्र करीब 26 साल थी और उसके शरीर की बनावट किसी अप्सरा से कम नहीं थी। रिया का रंग एकदम गोरा और मखमली था, और जब वह चलती थी तो उसके भारी तरबूज उसकी कुर्ती … Read more

रेल की रात और अनजानी चाहत

रात के गहराते सन्नाटे में राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी और ट्रेन की गड़गड़ाहट के बीच केबिन में एक अजीब सी खामोशी छाई हुई थी। अर्जुन अपने सामने वाली बर्थ पर बैठी उस सुंदर महिला को देख रहा था जिसका नाम नैना था और जिससे उसकी बातचीत बस कुछ … Read more

तन्हा दोपहर और सुनिता बुआ की प्यासी खाई

तन्हा दोपहर और सुनिता बुआ की प्यासी खाई—> दोपहर की उस खामोश तन्हाई में सुनिता बुआ सोफे पर लेटी हुई थीं, और घर के बाकी लोग किसी शादी में गए हुए थे। राघव कमरे में दाखिल हुआ तो उसकी नजर सीधे बुआ के जिस्म पर पड़ी, जो पसीने की हल्की बूंदों से चमक रहा था। … Read more

कविता बुआ की रेशमी खाई और गर्म दोपहर का मदहोश खेल

कविता बुआ की रेशमी खाई और गर्म दोपहर का मदहोश खेल—> दोपहर की उस भयंकर तपती गर्मी में घर के सभी सदस्य गहरी नींद की आगोश में थे, लेकिन २२ साल के आर्यन की आँखों से नींद कोसों दूर थी। उसकी ३२ साल की बेहद खूबसूरत और जवान कविता बुआ आज ही शहर से उनके … Read more

रात के सफर की एक मदहोश चु@@ई का एहसास

रात के सफर की एक मदहोश चु@@ई का एहसास —> ट्रेन की उस कूपे में हवा जैसे ठहर गई थी। दिल्ली से मुंबई जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस की गड़गड़ाहट के बीच मेरा दिल अपनी ही रफ्तार से धड़क रहा था। सामने वाली सीट पर बैठी उस अजनबी महिला की रेशमी साड़ी की सरसराहट मुझे बार-बार … Read more

विधवा चाची के साथ रसीली चु@@ई का सुख

विधवा चाची के साथ रसीली चु@@ई का सुख —> आंगन में बैठी सुमित्रा चाची की उदासी उनकी आंखों में साफ दिख रही थी। दोपहर की तपती धूप उनके चेहरे पर खेल रही थी और उनके सादे सफेद लिबास के नीचे से उनके भारी तरबूज उभर कर सामने आ रहे थे। मैंने दूर से ही उन्हें … Read more

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