अध्यापक की गरम चु@@ई

अंजली मैम के साथ बिताए गए वे दिन मुझे आज भी याद आते हैं जब मैं उनके ट्यूशन में बैठकर उनकी पढ़ाई से ज्यादा उनके शरीर के उतार-चढ़ाव को देखा करता था। आज बरसों बाद हम एक सुनसान पार्क के उस कोने में बैठे थे जहाँ शाम का धुंधला सा साया हर तरफ फैला हुआ … Read more

पड़ोसन कविता की चुदाई

पड़ोसन कविता की चुदाई—> शहर की उस तंग गली के आखिरी छोर पर बसे उस पुराने मकान में समीर अभी दो दिन पहले ही रहने आया था। दोपहर की चिलचिलाती धूप में सामान व्यवस्थित करते हुए उसका शरीर पसीने से तरबतर हो चुका था। तभी दरवाजे पर एक दस्तक हुई और उसने देखा कि सामने … Read more

तूलिका की तपिश और मौन समर्पण

पुराने शहर की एक सुनसान कला दीर्घा के कोने में बने उस छोटे से कमरे में चारों ओर कैनवास बिखरे हुए थे और हवा में तारपीन के तेल की तीखी गंध घुली हुई थी। आर्यन अपनी अधूरी पेंटिंग के सामने खड़ा था, लेकिन उसकी नजरें सामने बैठी अवनि पर टिकी थीं, जो आज उसकी मॉडल … Read more

प्यास और रसीली भाभी की चु@@ई

दोपहर का वक्त था और सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था, लेकिन मीरा के घर के भीतर का माहौल बाहर की गर्मी से कहीं ज्यादा तप्त और उत्तेजनापूर्ण बना हुआ था। मीरा, जिसकी उम्र लगभग बत्तीस साल थी, अपने भरे हुए बदन और गोरे रंग की वजह से पूरे मोहल्ले की धड़कन थी, उसके … Read more

होटल वाली अजनबी चु@@ई

होटल वाली अजनबी चु@@ई—> उस रात शहर के सबसे आलीशान होटल ‘द रॉयल हेरिटेज’ की लॉबी में एक अजीब सी खामोशी छाई हुई थी। समीर अपनी बिजनेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर अपने कमरे की तरफ बढ़ रहा था कि तभी उसकी नजर मीरा पर पड़ी। मीरा वहां खड़ी अपने कमरे की चाबी को लेकर कुछ परेशान … Read more

तन्हाई में मामी की प्यास और रसीली खुदाई

तन्हाई में मामी की प्यास और रसीली खुदाई—> दोपहर की उस तपती गर्मी में जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद की आगोश में सोया हुआ था, घर के भीतर का सन्नाटा भी एक अजीब सी बेचैनी पैदा कर रहा था। सुनीता मामी, जो शहर से कुछ दिनों के लिए हमारे घर रहने आई थीं, अपने कमरे … Read more

पड़ोसी श्रद्धा भाभी की खुदाई

शहर की उस तंग गली के आखिरी मोड़ पर समीर का छोटा सा कमरा था, जहाँ से ठीक सामने वाले घर की बालकनी साफ नजर आती थी। उस घर में श्रद्धा भाभी अपने पति के साथ रहती थीं, जो अक्सर व्यापार के सिलसिले में शहर से बाहर ही रहते थे। श्रद्धा भाभी का व्यक्तित्व किसी … Read more

मामी की रसीली चु@@ई

मामी की रसीली चु@@ई—>गर्मी की वे सुनहरी दोपहरें आज भी मेरे जहन में किसी ताज़ा जख्म और मीठी याद की तरह बसी हुई हैं जब मैं अपने मामा के घर छुट्टियां बिताने गया था। गाँव का वह बड़ा सा पुश्तैनी मकान जहाँ सन्नाटा भी अपनी एक अलग ही भाषा बोलता था और हवाओं में मिट्टी … Read more

रश्मि मौसी की चु@@ई

रश्मि मौसी की चु@@ई—>गर्मी की वो दोपहर आज भी मेरे ज़हन में ताज़ा है जब मैं अपनी मौसी रश्मि के घर कुछ दिन बिताने गया था। रश्मि मौसी की उम्र करीब छत्तीस साल थी, लेकिन उनके शरीर की बनावट किसी बीस साल की जवान लड़की को भी मात दे दे। उनका रंग गोरा था और … Read more

नाप लेते चु@@ई

नेहा की ज़िंदगी में कोई कमी नहीं थी, सिवाय एक अनजाने खालीपन के, जिसे वह खुद भी नहीं समझ पाती थी। शादी के सात साल हो गए थे, पति राहुल एक अच्छे पद पर था, घर-बार सब बढ़िया था, लेकिन दिल में एक कसक थी जो कभी-कभी उठती और उसे बेचैन कर जाती। इसी कसक … Read more

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