सूनी दोपहर में बुआ की मदहोश चाहत और गहरी खुदाई

सूनी दोपहर में बुआ की मदहोश चाहत और गहरी खुदाई—> दोपहर की उस तपती खामोशी में घर के सभी लोग शहर में एक शादी में गए हुए थे और पूरा घर सन्नाटे में डूबा हुआ था। मैं अपने कमरे में लेटा हुआ था कि तभी सुनीता बुआ कमरे में आईं और उन्होंने सिर दर्द की … Read more

शालिनी मामी की रेशमी साड़ी और वो मदहोश कर देने वाली दोपहर

शालिनी मामी की रेशमी साड़ी और वो मदहोश कर देने वाली दोपहर—>शहर की तपती दोपहर में जब सूरज अपनी पूरी ताकत से आग उगल रहा था, तब मैं अपनी मामी शालिनी के घर के ठंडे ड्राइंग रूम में सोफे पर लेटा हुआ था। मामी की उम्र करीब 28 साल रही होगी, और उनकी काया किसी … Read more

मीरा मामी की प्यास और बंद कमरे की तपन

मीरा मामी की प्यास और बंद कमरे की तपन—>दोपहर की चिलचिलाती धूप में पूरा मोहल्ला सन्नाटे में डूबा हुआ था, लेकिन मामाजी के घर के भीतर एक अलग ही तरह की बेचैनी पनप रही थी। समीर अपनी गर्मियों की छुट्टियाँ बिताने शहर आया था और इस बार मामाजी को अचानक दफ्तर के काम से बाहर … Read more

सुनसान पार्क की झाड़ियों में पुरानी क्रश मीरा के साथ रसभरी खुदाई

पुरानी यादों का नया अहसास और सुनसान पार्क का मिलन —> शाम का धुंधलका धीरे-धीरे शहर के उस पुराने और सुनसान पार्क के कोनों में अपनी चादर बिछा रहा था, जहाँ सालों बाद रोहन और उसकी पुरानी स्कूल क्रश मीरा एक-दूसरे के सामने थे। मीरा अब पहले से कहीं ज्यादा जवान और आकर्षक लग रही … Read more

अजनबी सफर की वो मदहोश रात और अनचाही नजदीकियां

अजनबी सफर की वो मदहोश रात और अनचाही नजदीकियां—> समीर ने होटल के काउंटर पर अपनी चाबी ली और दिन भर की थकान मिटाने के लिए अपने कमरे की ओर बढ़ गया, लेकिन जैसे ही उसने कमरा खोला, उसकी नजर सामने खड़ी एक बेहद हसीन महिला पर पड़ी। वह महिला, जिसका नाम कविता था, करीब … Read more

शारदा बुआ की रेशमी खाई और दोपहर की गुप्त खुदाई

गर्मियों की वह शांत दोपहर आज भी मुझे याद है जब घर के सभी बड़े एक रिश्तेदार की शादी में गए हुए थे और घर पर सिर्फ मैं और मेरी युवा शारदा बुआ अकेले थे। बुआ की उम्र लगभग पैंतीस साल थी लेकिन उनके शरीर की बनावट किसी बीस साल की नवयौवना को मात देती … Read more

तपती दोपहर का मीठा अहसास और साली का प्यार

तपती दोपहर का मीठा अहसास और साली का प्यार—>गर्मी की उस दोपहर में चारों तरफ एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था, जैसे वक्त खुद अपनी रफ्तार भूलकर थम गया हो। रवि अपने बेडरूम में लेटा पंखे की धीमी हवा में खुद को ठंडा करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसकी साली महक कमरे … Read more

सूनी दोपहर में मामी का रसीला सान्निध्य

सूनी दोपहर में मामी का रसीला सान्निध्य—> गर्मियों की वह सुस्त दोपहर आज भी नीरज के जेहन में ताज़ा है, जब सूरज की तपिश ने पूरे गाँव को खामोश कर दिया था। नीरज अपने मामा के घर छुट्टियों में आया हुआ था और मामा किसी काम से शहर गए हुए थे। घर में सिर्फ वह … Read more

नेहा मैम का बागीचा और अधूरी प्यास की खुदाई

नेहा मैम का बागीचा और अधूरी प्यास की खुदाई—> रोहन सालों बाद अपने पुराने गाँव लौटा था और पुरानी यादों के झोंकों के बीच उसे अपनी पुरानी ट्यूशन टीचर नेहा मैम की याद आई, जो अब भी उतनी ही खूबसूरत और आकर्षक थीं। वह गाँव के पुराने आम के बाग में टहलने गया था जहाँ … Read more

पसीने की महक और प्रेस वाले की गहरी खुदाई

पसीने की महक और प्रेस वाले की गहरी खुदाई—> दोपहर की चिलचिलाती धूप में मीरा अपने घर के ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठी टीवी देख रही थी, लेकिन उसका मन किसी काम में नहीं लग रहा था। उसके पति ऑफिस के काम से दो दिनों के लिए शहर से बाहर गए थे और घर … Read more

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