अतृप्त चाहत और बुआ का समर्पण
अतृप्त चाहत और बुआ का समर्पण—>गर्मी की वो दोपहर आज भी मेरे ज़हन में वैसी ही ताज़ा है जैसे कल की बात हो। मैं अपने शहर से दूर बुआ के घर छुट्टियों में गया हुआ था। बुआ, जिनका नाम अंजलि था, उनकी उम्र लगभग 36 साल रही होगी, लेकिन उनके शरीर की बनावट और ढलान … Read more