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पड़ोसन मीरा भाभी के साथ रसोई में यादगार रात की खुदाई

 रात के ग्यारह बज चुके थे और पूरी कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ था, तभी राहुल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उसकी खूबसूरत पड़ोसन मीरा भाभी थीं, जिनका पति शहर से बाहर गया हुआ था। मीरा की आवाज़ में एक अजीब सी घबराहट और सिहरन थी, उन्होंने कहा कि उनके किचन का पाइप … Read more

खामोश दोपहर और पड़ोसन के साथ यादगार खुदाई

उस दोपहर की खामोशी में एक अजीब सी बेचैनी थी जब राहुल ने अपनी पड़ोसन कविता भाभी के घर का दरवाजा खटखटाया। कविता के पति अक्सर काम के सिलसिले में शहर से बाहर रहते थे और वह घर में बिलकुल अकेली होती थीं। जैसे ही कविता ने दरवाजा खोला, उसकी आँखों में एक अजीब सी … Read more

रेखा मौसी की अधूरी प्यास और हमारी यादगार खुदाई

  गर्मियों की उन लंबी और सुनसान दोपहरों में जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद में सोया रहता था, मेरे घर की आबोहवा कुछ अलग ही करवटें ले रही थी। मेरी विधवा मौसी, रेखा, जो पिछले कुछ दिनों से हमारे साथ रहने आई थीं, उनकी उपस्थिति ने मेरे मन में एक अजीब सी हलचल पैदा कर … Read more

प्रोफेसर और छात्रा के बीच ज्ञान की गहरी खुदाई

रात के करीब ग्यारह बज रहे थे और पूरे कॉलेज कैंपस में सन्नाटा पसरा हुआ था, लेकिन प्रोफेसर आर्यन के केबिन में अभी भी रोशनी जल रही थी। नेहा अपनी थीसिस पूरी करने के लिए उनके पास आई थी, लेकिन किताबों के पन्नों के बीच एक अलग ही तरह की गरमाहट महसूस हो रही थी। … Read more

तन्हाई में देवर-भाभी की मदहोश खुदाई

दोपहर की उस खामोश बेला में पूरा घर सन्नाटे की चादर ओढ़े सोया हुआ था, सिवाय मीरा के कमरे के जहाँ हवा की एक हल्की सी सरसराहट खिड़की के पर्दों को हिला रही थी। मीरा, जिसकी उम्र अभी मुश्किल से तीस के पार थी, अपनी रेशमी साड़ी को संभाले बिस्तर पर लेटी पुरानी यादों में … Read more

पड़ोसन मीरा भाभी के साथ रसोई में यादगार रात की खुदाई

रात के ग्यारह बज चुके थे और पूरी कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ था, तभी राहुल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उसकी खूबसूरत पड़ोसन मीरा भाभी थीं, जिनका पति शहर से बाहर गया हुआ था। मीरा की आवाज़ में एक अजीब सी घबराहट और सिहरन थी, उन्होंने कहा कि उनके किचन का पाइप … Read more

गरम दोपहर में मामी के साथ खुदाई

 समीर अपनी मामी रेखा के घर गर्मियों की छुट्टियों में आया था। गाँव की वह तपती हुई दोपहर और घर का सन्नाटा माहौल को और भी भारी और मादक बना रहा था। रेखा मामी की उम्र करीब पैंतीस साल थी, लेकिन उनका शरीर किसी खिली हुई कली की तरह तरोताजा और आकर्षक था। जब वह … Read more

रेखा मौसी की अधूरी प्यास और हमारी यादगार खुदाई

 गर्मियों की उन लंबी और सुनसान दोपहरों में जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद में सोया रहता था, मेरे घर की आबोहवा कुछ अलग ही करवटें ले रही थी। मेरी विधवा मौसी, रेखा, जो पिछले कुछ दिनों से हमारे साथ रहने आई थीं, उनकी उपस्थिति ने मेरे मन में एक अजीब सी हलचल पैदा कर दी … Read more

पड़ोसन कविता भाभी के साथ प्यासी खुदाई

दोपहर की उस तपती धूप में पूरा मोहल्ला सन्नाटे की चादर ओढ़े सोया हुआ था, लेकिन समीर की आंखों में नींद का नामोनिशान नहीं था। वह अपनी बालकनी में खड़ा सामने वाली खिड़की की ओर देख रहा था, जहां कविता भाभी अपनी गीली साड़ी सुखा रही थीं। कविता भाभी, जिनकी उम्र करीब पैंतीस साल थी, … Read more

जवान पड़ोसी और प्यासी विधवा की मदमस्त खुदाई

आर्यन एक बाईस साल का गबरू जवान था, जो अपने कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ जिम में अपनी कद-काठी पर भी काफी मेहनत करता था। उसके पड़ोस में छत्तीस साल की सुनीता रहती थी, जो पिछले दो सालों से विधवा का जीवन जी रही थी। सुनीता का शरीर किसी अनुभवी मूर्तिकार की कलाकृति जैसा था, … Read more