साली की रसीली चु@@ई

रात के ग्यारह बज चुके थे और पूरे घर में सन्नाटा पसरा हुआ था। राजेश अपने कमरे में लेटा हुआ छत की ओर देख रहा था, लेकिन उसके मन में अपनी साली कविता के शरीर का अक्स तैर रहा था। कविता जो अपनी बड़ी बहन की शादी के बाद अक्सर यहाँ रहने आती थी, उसकी … Read more

मैडम की जबरदस्त चु@@ई

मैडम की जबरदस्त चु@@ई—> करीब पांच साल बाद कबीर अपनी सबसे पसंदीदा कॉलेज प्रोफेसर महक के घर के दरवाजे पर खड़ा था। महक हमेशा से ही उसे अपनी ओर खींचती थी, उनकी गंभीर आवाज और उनकी गहरी आँखों में एक रहस्यमयी चमक थी जो उसे कॉलेज के दिनों में भी बेचैन कर देती थी। आज … Read more

जिम ट्रेनर की चु@@ई

जिम ट्रेनर की चु@@ई—> दो साल के लंबे अंतराल के बाद जब समीर ने वंदना के घर के दरवाजे की घंटी बजाई, तो उसके दिल की धड़कनें किसी ड्रम की तरह बज रही थीं। वंदना उसकी पुरानी जिम ट्रेनर थी, जिसने उसे न केवल कसरत सिखाई थी बल्कि उसके सपनों में भी अपनी जगह बना … Read more

दोपहर की खामोशी और चाहत की अनकही दास्तान

  उस उमस भरी दोपहर में पूरा घर गहरी नींद में डूबा हुआ था, लेकिन आर्यन की आँखों में नींद का नामोनिशान नहीं था। वह अपने कमरे की खिड़की के पास खड़ा होकर बाहर की गर्मी को देख रहा था, लेकिन उसका मन कहीं और ही भटक रहा था। बगल के कमरे में उसकी चाची, … Read more

पड़ोसन मीरा जी के साथ दोपहर की प्यासी खुदाई

आर्यन अपने कमरे में बैठा अपनी किताबों में डूबा हुआ था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार खिड़की के उस पार वाली बालकनी पर जा रहा था जहाँ मीरा जी अपनी गीली साड़ी सुखा रही थीं। मीरा जी की उम्र लगभग पैंतीस साल थी, और उनके शरीर का हर हिस्सा जैसे जवानी की नई दहलीज पर खड़ा … Read more

कविता भाभी की जबरदस्त खुदाई

गर्मी की उन तपती दोपहरियों में जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद में सोया रहता था, समीर अपने कमरे में बैठा अपनी किताबों में मन लगाने की कोशिश करता, लेकिन उसका ध्यान बार-बार रसोई से आने वाली चूड़ियों की खनक पर चला जाता। उसकी भाभी कविता, जो करीब बत्तीस साल की थीं, घर के कामकाज में … Read more

मां को मिली बेर तोड़ने की सजा (झोपडी में चु@@ई)

दिन की तेज धूप पड़ रही थी, और हम ननिहाल जाते हुए थककर एक छोटे से खेत के किनारे रुक गए थे। दूर एक बेर का पेड़ दिखा, लाल-लाल बेर झुंड में लटके हुए, जैसे कोई मीठा लालच दे रहा हो। मा ने साड़ी का पल्लू सर पर ठीक करते हुए कहा, “बेटा, देख कितने … Read more

पड़ोसन और जवान लड़के की छत पर पहली खुदाई

गर्मी की वो दोपहर बहुत ही उमस भरी थी और पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ था। समीर अपने कमरे में अकेला लेटा हुआ था और खिड़की से पड़ोस वाली छत की ओर देख रहा था। तभी उसकी नज़र अपनी पड़ोसन नीता पर पड़ी, जो छत पर कपड़े सुखाने आई थी। नीता की उम्र करीब … Read more

अनीता भाभी की चु@@ई

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और ठंडी हवाएं कमरे की खिड़कियों को झकझोर रही थीं, जिससे माहौल में एक अजीब सी गर्माहट पैदा हो गई थी। अनीता भाभी रसोई में चाय बना रही थीं, उनकी नीली रेशमी साड़ी उनके सुडौल शरीर पर ऐसे लिपटी थी जैसे कोई बेल किसी तने से लिपटी हो। जब … Read more

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