ऑफिस मालकिन संग चु@@ई
रात के ग्यारह बज चुके थे और पूरी ऑफिस बिल्डिंग में सन्नाटा पसरा हुआ था सिवाय दसवें माले के उस केबिन के जहाँ समीर अपनी फाइलों में डूबा हुआ था। समीर एक गठीले बदन का चौबीस वर्षीय नौजवान था जिसकी चौड़ी छाती और मजबूत बाजू उसकी मेहनत की गवाही देते थे। अचानक केबिन का दरवाजा … Read more