अजनबी पड़ोसन की चु@@ई

अजनबी पड़ोसन की चु@@ई—>समीर ने अभी दो दिन पहले ही इस नए शहर के पॉश इलाके में एक छोटा सा फ्लैट किराए पर लिया था। वह पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और अपनी नौकरी की वजह से यहाँ शिफ्ट हुआ था। उसके फ्लैट के ठीक सामने वाले दरवाजे पर एक नेमप्लेट लगी थी जिस … Read more

पहाड़ों की शांत वादियों में मौसी के साथ एक रसीली खुदाई

पहाड़ों की गोद में बसा वह छोटा सा लकड़ी का घर और बाहर गिरती हुई हल्की बर्फ ने फिजा में एक अजीब सी मादकता भर दी थी। आर्यन अपनी मौसी रंजना के पास छुट्टियां बिताने आया था, जो पिछले कुछ सालों से वहां अकेली रह रही थीं। रंजना मौसी की उम्र करीब 38 साल थी, … Read more

बर्फीली रात और जज्बातों की तपन

पहाड़ों की उस ऊँची चोटी पर बनी लकड़ी की कोठरी में बाहर बर्फ की चादर बिछी थी, लेकिन भीतर जज्बातों की एक अलग ही आग सुलग रही थी। राघव और अवनि पिछले दो सालों से एक-दूसरे के सहकर्मी थे, पर आज इस एकांत में उनके बीच की पेशेवर दीवारें धीरे-धीरे ढह रही थीं। अवनि ने … Read more

ऑफिस वाली गरम चु@@ई

रात के ग्यारह बज चुके थे और ऑफिस की विशाल इमारत में सन्नाटा पसरा हुआ था। सिर्फ हमारी केबिन की लाइट्स जल रही थीं क्योंकि प्रोजेक्ट की डेडलाइन सुबह की थी। प्रिया मेरे बगल वाली मेज पर बैठी लगातार टाइपिंग कर रही थी। वह आज बहुत ही आकर्षक लग रही थी, उसने एक तंग सफेद … Read more

मामी की लंबी खुदाई

गर्मी की उन तपती दोपहरियों में जब पूरा गाँव सन्नाटे की चादर ओढ़कर सो जाता था, तब घर के भीतर एक अलग ही किस्म की बेचैनी पनप रही थी। अमन अपनी छुट्टियों में अपनी सगी मामी सुनीता के घर रहने आया था, जो शहर की आपाधापी से दूर एक शांत कस्बे में था। सुनीता मामी … Read more

ऑफिस मालकिन संग चु@@ई

रात के ग्यारह बज चुके थे और पूरी ऑफिस बिल्डिंग में सन्नाटा पसरा हुआ था सिवाय दसवें माले के उस केबिन के जहाँ समीर अपनी फाइलों में डूबा हुआ था। समीर एक गठीले बदन का चौबीस वर्षीय नौजवान था जिसकी चौड़ी छाती और मजबूत बाजू उसकी मेहनत की गवाही देते थे। अचानक केबिन का दरवाजा … Read more

ऑफिस में बॉस की चु@@ई

रात के ग्यारह बज चुके थे और ऑफिस की शांत गलियारे में केवल सेंट्रल एसी की हल्की सी सरसराहट गूँज रही थी। राघव अपने विशाल केबिन में बैठा कुछ फाइलों को देख रहा था लेकिन उसका मन काम में कम और सामने बैठी अपनी सेक्रेटरी नेहा की ओर अधिक था। नेहा आज नीले रंग की … Read more

मौसी की रसीली खुदाई

मौसी की रसीली खुदाई—>भीषण गर्मी की वह दोपहर आज भी अनीश के जेहन में किसी गहरी छाप की तरह अंकित है। २२ साल का अनीश, जो अभी कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर रहा था, अपने गर्मियों की छुट्टियां बिताने अपनी मौसी साधना के घर आया हुआ था। साधना मौसी की उम्र ३८ साल के करीब … Read more

गहरी प्रेम खुदाई

रात की गहराइयाँ जब अपने चरम पर होती हैं, तब घर के भीतर की शांति एक अलग ही कहानी बयां करती है। कमरे की मद्धम रोशनी में वातावरण जैसे ठहर सा गया था। वह उसके पास बैठी थी, और हवा में एक अजीब सी गर्माहट महसूस हो रही थी। मेज पर रखा वह हरा खीरा … Read more

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