रीना भाभी की चु@@ई

रीना भाभी की चु@@ई—> गर्मी की वो दोपहर आज भी मुझे याद है जब घर के बाकी सदस्य एक शादी में गए हुए थे और मैं अपनी प्यारी रीना भाभी के साथ घर पर अकेला था। रीना भाभी, जिनकी उम्र लगभग तीस साल थी, सुंदरता का एक जीता जागता उदाहरण थीं। उनकी गेंहुई रंगत, रेशमी … Read more

अजनबी पड़ोसी संग चुदाई

अजनबी पड़ोसी संग चुदाई—> बारिश की वह रात बहुत ही घनी और डरावनी थी। शहर की पूरी बिजली गुल हो चुकी थी और अपार्टमेंट की लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में ही अटक गई थी। नेहा अपने ऑफिस से थकी-हारी लौट रही थी और उसके साथ उसी की मंजिल पर कुछ दिन पहले ही रहने आया … Read more

कमलनाथ ने अपनी बहू चो@द दी

हेलो दोस्तों, मैं आपके लिए एक गरमागरम देसी स@@ी कहानी लेकर आया हूँ, जो आपके दिल और जिस्म दोनों को गर्म कर देगी। उम्मीद है ये आपको बेहद पसंद आएगी। कमलनाथ, 45 साल का एक मर्द, जिसकी बीवी देवयानी की मौत दो साल पहले हो चुकी थी। अब वो अकेला और असंतुष्ट था, उसका ल@@ड … Read more

साली की रसीली खुदाई

गर्मियों की वह दोपहर बहुत ही शांत थी और घर में सिर्फ समीर और उसकी साली कविता ही थे। समीर की पत्नी अपने मायके गई हुई थी और कविता अपनी छुट्टियों की वजह से पिछले एक हफ्ते से यहाँ रुकी हुई थी। कविता की उम्र लगभग चौबीस साल थी और उसके शरीर का हर अंग … Read more

चू@@ में फंसा बैंगन कंपाउंडर ने निकाला

 एक छोटे से उत्तर भारतीय गाँव की कहानी है, जहाँ सुबह की धूप में खेतों की हरियाली चमकती और शाम को नदी किनारे की हवा में मिट्टी की सोंधी महक और बाँसुरी की धुन घुली रहती। वहाँ एक साधारण झोपड़ी में रहती थीं सरिता, उम्र में तैंतीस साल की एक विवाहित महिला – गोरी त्वचा … Read more

मदमस्त बुआ की खुदाई

गर्मियों की वह सुस्त दोपहर आज भी समीर के जेहन में ताज़ा है, जब पूरा गाँव गहरी नींद में सोया हुआ था और हवेली के पुराने कमरों में सन्नाटा पसरा हुआ था। समीर अपनी बुआ कविता के घर छुट्टियों में आया हुआ था, जो दिखने में किसी अप्सरा से कम नहीं थीं और उनकी उम्र … Read more

सुनीता मौसी की मदहोश खुदाई

  गर्मी की उन लंबी और अलसायी हुई दोपहरियों में घर की खामोशी अक्सर मन में अजीब सी हलचल पैदा कर दिया करती थी। सुनीता मौसी, जिनकी उम्र पैंतीस के करीब थी, अपने यौवन के उस पड़ाव पर थीं जहाँ उनका शरीर किसी पके हुए फल की तरह रसभरा और आकर्षक लग रहा था। जब … Read more

चाची की रसीली चु@@ई

चाची की रसीली चु@@ई—>उस दोपहर की गर्मी कुछ अलग ही थी, जैसे सूरज की तपिश सीधे रूह को झुलसा देने पर आमादा हो। घर के सभी लोग शहर गए हुए थे और मैं, आर्यन, घर की साफ-सफाई के बहाने छत के कोने में बने उस पुराने स्टोर रूम में सीमा चाची की मदद कर रहा … Read more

सफर की मदहोश रात और अजनबी का साथ

सफर की मदहोश रात और अजनबी का साथ —> दिल्ली के बस अड्डे पर रात के ग्यारह बज रहे थे और वातानुकूलित स्लीपर बस मनाली के लिए तैयार खड़ी थी। रोहित ने अपनी सीट तलाशी, जो कि ऊपर की एक डबल स्लीपर बर्थ थी, जहाँ उसे पूरी रात गुजारनी थी। जैसे ही वह अपनी बर्थ … Read more

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