बचपन की सहेली को खुदाई

 रोहन और नेहा बचपन के सबसे पुराने और करीबी दोस्त थे, जो लगभग आठ साल के लंबे अंतराल के बाद एक-दूसरे से मिल रहे थे। वह पुरानी दोस्ती जो कभी गलियों में भागने और खिलौनों के लिए लड़ने तक सीमित थी, अब जवानी की दहलीज पर आकर एक अलग ही मोड़ ले चुकी थी। नेहा … Read more

रात का हसीन सफ़र और अनजानी हमसफ़र की प्यास

रात का हसीन सफ़र और अनजानी हमसफ़र की प्यास—>ट्रेन की गड़गड़ाहट और बाहर पसरी अंधेरी रात का सन्नाटा, राहुल अपनी सीट पर बैठा खिड़की से बाहर देख रहा था। उसके ठीक सामने वाली बर्थ पर नैना बैठी थी, जिसकी उम्र करीब अट्ठाइस साल रही होगी और उसका व्यक्तित्व बहुत ही आकर्षक था। नैना ने एक … Read more

पड़ोसन मीरा भाभी के साथ रसोई में यादगार रात की खुदाई

रात के ग्यारह बज चुके थे और पूरी कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ था, तभी राहुल के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ उसकी खूबसूरत पड़ोसन मीरा भाभी थीं, जिनका पति शहर से बाहर गया हुआ था। मीरा की आवाज़ में एक अजीब सी घबराहट और सिहरन थी, उन्होंने कहा कि उनके किचन का पाइप … Read more

अजनबी हमसफर की चु@@ई

रात के साढ़े बारह बज चुके थे और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी। चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था और कोच की हल्की नीली रोशनी में सब कुछ धुंधला और रहस्यमयी लग रहा था। आर्यन अपनी लोअर बर्थ पर लेटा हुआ था लेकिन उसकी आँखों से नींद कोसों दूर … Read more

सेक्रेटरी संग ऑफिस चु@@ई

रात के बारह बज चुके थे और पूरे ऑफिस में सन्नाटा पसरा हुआ था सिवाय उस कोने वाले केबिन के जहाँ से हल्की रोशनी छनकर बाहर आ रही थी। आकाश अपनी मेज पर झुका हुआ था और कुछ फाइलों को अंतिम रूप दे रहा था लेकिन उसका ध्यान बार-बार सामने बैठी उसकी सेक्रेटरी नैना पर … Read more

मौसी की खुदाई

 रोहन अपनी कॉलेज की छुट्टियों में अपनी वंदना मौसी के घर रहने के लिए आया था। वंदना मौसी की उम्र करीब अड़तीस साल थी, लेकिन उनकी देखभाल और सादगी ने उनके यौवन को जैसे थाम कर रखा था। उनका शरीर आज भी उतना ही कसा हुआ और भरा हुआ था कि कोई भी उन्हें देखकर … Read more

मैडम की हसीन चु@@ई

रिया और आर्यन के बीच का रिश्ता हमेशा से ही एक गरिमा और सम्मान का रहा था, लेकिन आज की दोपहर कुछ अलग ही संकेत दे रही थी। समीर करीब पांच साल बाद अपनी पुरानी ट्यूशन टीचर रिया के घर आया था, और उसे देखते ही जैसे समय ठहर सा गया था। रिया अब पहले … Read more

पड़ोसन माया की चुदाई

पड़ोसन माया की चुदाई—>उस शाम आसमान से बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश हो रही थी और पूरा शहर जैसे थम सा गया था। मैं अपने फ्लैट की खिड़की के पास खड़ा बाहर के नजारे को देख रहा था तभी अचानक डोरबेल बजी और जब मैंने दरवाजा खोला तो सामने नई पड़ोसन माया खड़ी … Read more

लिफ्ट में चु@@ई

बारह मंजिला इमारत में लिफ्ट हमेशा थोड़ी सी खटखटाती थी। हर बार दरवाजा बंद होने पर एक हल्की सी झटका लगता, जैसे कोई पुराना इंजन कह रहा हो—“अभी तो बस शुरुआत है।” उस शाम भी वही हुआ। सातवीं मंजिल पर लिफ्ट रुकी। दरवाजा खुला। अंदर पहले से एक आदमी खड़ा था—काला कोट, सफेद शर्ट का … Read more

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