समंदर की वो रात – लहरों के बीच
रिया उस छोटे से तटीय गांव के आखिरी घर में अकेली थी। रात के १ बजे समंदर की लहरें इतनी तेज थीं कि उनकी आवाज दीवारों से टकराकर घर के अंदर तक गूंज रही थी। हवा में नमक और बारिश की महक घुली हुई थी। रिया की हल्की नीली साड़ी समंदर की छींटों से भीगकर … Read more