मां को मिली बेर तोड़ने को सजा पार्ट 2
हम ननिहाल पहुंचे तो नानी ने दरवाजे पर खड़े होकर हमें गले लगाया, पूछ रही थीं – “कैसी रही यात्रा? थकी तो नहीं?” मा मुस्कुरा रही थीं, लेकिन उनकी मुस्कान में वो छुपी हुई आग थी जो मैं अब पढ़ सकता था। चाय-पानी, मिठाई, सब चला। रात का खाना खाते वक्त भी बातें चलती रहीं … Read more